WhatsApp, Telegram और Signal यूजर्स सावधान! DoT ने जारी किए सख्त नियम। अब बिना SIM कार्ड के नहीं चलेगा ऐप और वेब वर्जन से हर 6 घंटे में होंगे लॉगआउट। जानें पूरी डिटेल।
अगर आप भी दिन-रात WhatsApp, Telegram या Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी और जरूरी खबर है। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर क्राइम पर लगाम लगाने के लिए एक नया और सख्त नियम जारी किया है।
यह नियम आपके चैटिंग करने के अंदाज को पूरी तरह बदल सकता है। खास तौर पर उन लोगों के लिए जो ऑफिस में WhatsApp Web का इस्तेमाल करते हैं, यह खबर थोड़ी परेशान करने वाली हो सकती है। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर यह नया “SIM Binding” नियम क्या है और इससे आप पर क्या असर पड़ेगा।
बिना SIM कार्ड के नहीं चलेगा WhatsApp?
सरकार के नए आदेश के मुताबिक, अब मैसेजिंग ऐप्स (जैसे WhatsApp, Telegram, Snapchat, Signal आदि) केवल उसी फोन में चलेंगे जिसमें वह SIM कार्ड मौजूद होगा जिससे अकाउंट बनाया गया है।
इसे तकनीकी भाषा में ‘SIM Binding’ कहा जाता है।
- पहले क्या होता था एक बार ओटीपी (OTP) से लॉग-इन करने के बाद, अगर आप फोन से सिम निकाल भी दें, तब भी WhatsApp वाई-फाई (Wi-Fi) पर चलता रहता था।
- अब क्या होगा नए नियम लागू होने के बाद, ऐप लगातार चेक करेगा कि रजिस्टर किया गया सिम फोन में है या नहीं। अगर सिम नहीं मिला, तो ऐप काम करना बंद कर देगा।
हर 6 घंटे में होना पड़ेगा लॉग-आउट (Auto Logout Rule)
यह खबर उन लोगों को सबसे ज्यादा झटका देगी जो ऑफिस में काम करते वक्त लैपटॉप या कंप्यूटर पर WhatsApp Web का इस्तेमाल करते हैं।
नए नियमों के अनुसार:
- WhatsApp Web या अन्य ऐप्स के डेस्कटॉप वर्जन अब आपको हर 6 घंटे में अपने आप (Automatically) लॉग-आउट कर देंगे।
- इसका मतलब है कि आपको दिन में कम से कम 2-3 बार अपना फोन उठाकर QR Code स्कैन करके दोबारा लॉग-इन करना पड़ेगा।
सरकार ने ऐसा क्यों किया?
आपके मन में सवाल होगा कि आखिर सरकार इतना सख्त कदम क्यों उठा रही है? इसका सीधा जवाब है सुरक्षा (Security)।
- साइबर फ्रॉड: आजकल बहुत से जालसाज (Scammers) भारतीय नंबरों से WhatsApp अकाउंट बनाते हैं और फिर सिम निकालकर विदेश से या किसी और जगह से बैठकर लोगों को ठगते हैं।
- नकली पहचान: सिम बाइंडिंग (SIM Binding) से यह सुनिश्चित होगा कि अकाउंट चलाने वाला व्यक्ति वही है जिसके पास असली सिम कार्ड है। इससे फेक अकाउंट्स और ऑनलाइन स्कैम पर बड़ी चोट लगेगी।
यह नियम कब से लागू होगा?
दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी टेलीकॉम और ऐप कंपनियों को अपने सिस्टम में बदलाव करने के लिए 90 दिनों (3 महीने) का समय दिया है। इसका मतलब है कि आने वाले कुछ ही महीनों में आपको ये बदलाव अपने फोन और लैपटॉप पर देखने को मिल सकते हैं।
आम यूजर्स पर क्या असर होगा?
इस फैसले के दो पहलू हैं
- फायदा: आपका अकाउंट ज्यादा सुरक्षित रहेगा और कोई दूसरा व्यक्ति आपके नंबर का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
- नुकसान: बार-बार लॉग-इन करने की झंझट और अगर आप विदेश यात्रा पर हैं या सिम बदलते हैं, तो थोड़ी परेशानी हो सकती है।
सरकार का यह कदम साइबर सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन आम यूजर्स को थोड़ी-बहुत असुविधा के लिए तैयार रहना होगा। अब देखना यह है कि WhatsApp और अन्य कंपनियां इन नियमों को कैसे लागू करती हैं ताकि यूजर्स को कम से कम परेशानी हो।
Also Read:-Sanchar Saathi App: क्या सभी के लिए ऐप डाउनलोड करना हुआ अनिवार्य? सरकार ने बताई पूरी सच्चाई







